सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
जमानियां। रमजान का चौथा रोजा 22 फरवरी को हुआ। अजान सुनने के बाद सभी रोजेदार इफ्तार के लिए दस्तरखान पर बैठे। और बनाएं गए व्यंजनों का स्वाद ली।
बताया जाता है। की माह-ए-रमजान का पाक महीना गुरुवार 20 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। और अकीदमंद अल्लाह की इबादत में पूरी शिद्दत के साथ लगे हुए हैं। और प्रतिदिन रोजा रख रहे हैं। रोजा रखना अल्लाह के साथ आप के जुड़ाव को मजबूत करता है। इसी के तहत रविवार, 22 फरवरी को रोजेदार चौथा रोजा पूरा किया। रमजान के पूरे महीने प्रतिदिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच रोजा (उपवास) रखा जाता है। रमजान में रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज है। 22 फरवरी 2026 को रोजेदार चौथा रोजा पूरा किया। जिसे इस्लाम में नेकी का छाता कहा जाता है। यह ऐसा छाता (कवच) होता है। जो रोजेदारों की हिफाजत (सुरक्षा) करता है। शौकत अली ने बताया कि यह छाता रोजेदारों की हिफाजत तभी करेगा जब रोजेदार शरई तरीके यानी पूरे नियमा के अनुसार से रोजा रखेंगे और इसका पालन करेंगे। पवित्र कुरान के 19 वें पारे की सूरत अलमुरसिलात की 41वीं/42वीं आयत में कहा गया है। कि इन्नाल मुत्तक़ीना फ़ी ज़िलालिवँ व अयूनिवँ व फवाकिहा मिम्मा यशतहन यानी बेशक संयमी और सत्कर्मी छांव में, चश्मों में होंगे और मेवों में होंगे जो उनको मरगूब (पसंद) होंगे। इसलिए रोजेदार रोजा रखने और खोलने के लिए सही समय पर सहरी और इफ्तार किया जाए। सेहरी और इफ्तार का समय सुबह 5:36 बजे और शाम 6:15 बजे के बीच रहता है। लेकिन अलग-अलग शहरों के समय में अंतर होता है। इसलिए रोजेदार बताए गए। समय पर ही रोजा खोले।