वाराणसी काशी दीप विजन :अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष मा. विधायक (झबुआ, मध्यप्रदेश) डॉ. विक्रांत भूरिया जी और उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश चन्द्र जी के आह्वान पर आज महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी को जिलाधिकारी वाराणसी के मार्फत
*मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु एवं प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में* ज्ञापन सौंपा गया है। महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित ज्ञापन में सूचना दी गई है कि मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में 18 मई से लगभग 4 महिने के अन्दर 30 बच्चों की मृत्यु खसरा, मलेरिया और कुपोषण के कारण हो चुकी है जिसे मध्यप्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग रोक पाने में पूर्णतः विफल रही है। यह मामला केवल मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एकमात्र घटना नही, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन, सम्मान और अधिकार से जुड़ा प्रश्न है। डॉ. विक्रांत भूरिया जी ने स्थलीय दौड़ा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को समझा और दिल्ली में पत्रकार वार्ता कर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया और स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की। कोई ठोस कारवाई न होने पर 06 सितम्बर 2026 से रीवा में अनिश्चित कालीन “न्याय सत्याग्रह” प्रारम्भ किया गया है। आदिवासी कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला का इस्तीफा, बालाघाट में हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा और मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को 1 करोड़ रूपये का मुआवजा सम्मिलित है।
इस क्रम में उतर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी से हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपने में डॉ उमेश चन्द्र जी के साथ संजीव गौड़ (प्रदेश महासचिव), इंजी. बृजेश कुमार (जिलाध्यक्ष,वाराणसी), विशाल गोंड (महानगर सचिव, वाराणसी), अरूण कुमार वर्मा (राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ) विकास कुमार वर्मा (जिला सचिव, वाराणसी) सम्मिलित रहे।