वाराणसी कुलदीप बरनवाल की रिपोर्ट- लोलार्क छठ 2026: लोलार्क कुंड में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 24 घंटे से लाइन में दंपति, सवाराणसी: सात वार नौ त्योहार के शहर काशी में आज भाद्रपद शुक्ल षष्ठी पर लोलार्क छठ का महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। अस्सी-भदैनी स्थित ऐतिहासिक लोलार्क कुंड पर रात 2 बजे से ही स्नान शुरू हो गया जो पूरे दिन चलेगा। 24 घंटे से श्रद्धालु लाइन में लगे हैं।
2 KM की बैरिकेडिंग, छांव की व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहली बार 2 किलोमीटर लंबी डबल बैरिकेडिंग की है। भदैनी कुंड से पांडेय हवेली तक बैरिकेडिंग लगाई गई है। धूप से बचाने के लिए ऊपर कपड़े से छांव की व्यवस्था की गई है। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए हैं।
एडीसीपी वैभव बांगर के मुताबिक सुरक्षा में 400 जवान, PAC, पैरामिलिट्री, 40 से ज्यादा दरोगा, महिला पुलिस, ADCP-ACP रैंक के अफसर तैनात हैं। पूरे इलाके की ड्रोन कैमरे से मॉनिटरिंग हो रही है।
संतान प्राप्ति की मान्यता
मान्यता है कि निःसंतान दंपति अगर आज के दिन इस कुंड में स्नान करते हैं तो संतान सुख मिलता है। परंपरा के अनुसार फल को सूर्य मंत्र के साथ कुंड में अर्पित कर पति-पत्नी को हाथ पकड़ कर 7 बार डुबकी लगानी होती है। पुराने वस्त्र वहीं छोड़ कर नए वस्त्र पहन कर लोलार्केश्वर महादेव के दर्शन करने होते हैं।
सात साल बाद दुर्लभ संयोग
पुजारी कुंदन त्रिपाठी ने बताया कि इस बार लोलार्क छठ पर 7 साल बाद 7 महायोग बन रहे हैं। इसमें सिद्धि योग, राजयोग और पांच महापुरुष योग शामिल हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग होने से स्नान का फल कई गुना बढ़ गया है। शुभ मुहूर्त सुबह 6:31 से 10:26 बजे तक था।
क्या है पौराणिक कथा
कथा के अनुसार इसी स्थान पर भगवान सूर्य ने तप कर शिवलिंग की स्थापना की थी। एक मान्यता यह भी है कि सूर्य के रथ का पहिया यहीं गिरा था जिससे इस कुंड का निर्माण हुआ। शास्त्रों में इसे सूर्य कुंड कहा गया है। कहा जाता है सूर्योदय की पहली किरण इसी कुंड पर पड़ती है।
पूर्वांचल ही नहीं 10 राज्यों से आए लोग
मेले में सिर्फ यूपी नहीं बल्कि दिल्ली, बिहार, झारखंड, एमपी, छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। सुबह 7 बजे तक ही 1 लाख 30 हजार लोग स्नान कर चुके थे। प्रशासन को 24 घंटे में 5 लाख लोगों के स्नान का अनुमान है।