दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
*वाराणसी* धर्मनगरी में अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए वाराणसी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गोमती जोन की *डीसीपी ‘लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान* ने मृतक मनीष सिंह की पत्नी से जो वादा किया था, उसे आज पुलिस टीम ने मुठभेड़ के मैदान में पूरा कर दिखाया।
*मुठभेड़ और कार्रवाई*
फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव इलाके में *डीसीपी नीतू काद्दयान * और *एडीसीपी नृपेंद्र कुमार* के कुशल निर्देशन में एसओजी और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख 50-50 हजार के इनामी बदमाश मनीष राजभर और आशीष राजभर ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां दोनों बदमाशों के पैर में लगीं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
*टीम वर्क और नेतृत्व की जीत*
इस सफल ऑपरेशन को धरातल पर उतारने में एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह की जांबाजी की अहम भूमिका रही। हाल ही में विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले इन अधिकारियों ने आज अपराधियों की कमर तोड़ दी।
“गोमती जोन में अपराध का अंत निश्चित है। हमने जो वादा पीड़ित परिवार से किया था, उसे निभाते हुए न्याय सुनिश्चित किया है।” — **लेडी सिंघम नीतू काद्दयान (DCP, गोमती जोन)*
*एडीसीपी नृपेंद्र कुमार* की सटीक रणनीति और डीसीपी नीतू काद्दयान की कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि वाराणसी में कानून का राज सर्वोच्च है। इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।