वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –चेतगंज पिपलानी कटरा में जमीनी विवाद का मामला सीधे कोर्ट और सिस्टम चुनौती को दे रहा है। एक तरफ पीड़ित सुभाष चंद्र विश्वकर्मा फर्जी वसीयत के खिलाफ सालों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं दूसरी तरफ विपक्षी नरेंद्र विश्वकर्मा ने कोर्ट के आदेश को ही गलत बता दिया है और कब्जा लेने से रोक दिया। सुभाष का आरोप है की फर्जी वसीयत से कब्जा सिटी साहब से लेकर डीसीपी तक उसके बाद पुलिस चौकी ना टीमली तक भटके पर कहीं से न्याय नहीं मिला। कोर्ट का आर्डर सभी अधिकारियों को दिखाया गया फिर भी पुलिस कोड के आदेश का अनुपालन करने में सफल नहीं हो सकी। सुभाष चंद्र विश्वकर्मा का आरोप है कि गोपाल चंद्र नरेंद्र विश्वकर्मा और रविंद्र विश्वकर्मा ने फर्जी वसीयत बनाकर उनकी पुश्तैनी जमीन हड़पने की कोशिश की सुभाष का दावा है कि पुरुष जांच में साबित हुई फिर भी उन्हें कृपया नहीं मिला सीपीसीटी डीपी से एसीपी और थाने चौकी तक भटक रहा हूं अपने ही घर में बाथरूम बिजली गेट नहीं लगने दे रहे हैं कोर्ट का आदेश भी दूर भाग रहा है सुबह से कहा क्या मुख्यमंत्री से अब गुहार लगाने जाएंगे। वहीं दूसरे पक्ष के नरेंद्र विश्वकर्मा का कहना है कि यह जमीन सुभाष विश्वकर्मा की है नहीं उनके अनुसार कोड आदेश एक तरफ है कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह गलत है इनको हम जमीन नहीं देंगे और कोर्ट को भी हम देख लेंगे नरेंद्र ने आरोप लगाया कि सुबह पक्ष पैदा कर रहा है। एक तरफ पुनीत परिवार कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर दर-दर भटक रहा है दूसरी तरफ विपक्षी खुलेआम कोड को चुनौती दे रहे हैं सुभाष का आरोप है कि राजनीतिक और अधिवक्ताओं के दबाव में पुलिस कार्यवाही नहीं कर पा रही है वहीं दीपक की कोर्ट के आदेश को मारने से इनकार कर रहा है पुलिस के सामने अग्नि परीक्षा मामले में अब गेंद चेतगंज पुलिस के पहले में है एक तरफ कोर्ट का आदेश दूसरी तरफ उसे नहीं मानना सर दर्द है। पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला के लिए यह मामला कानून व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया है। पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि योगीराज के शासन में सुभाष विश्वकर्मा को पुलिस न्याय दिलाने में सफल नहीं है आखिर अभी तक कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं हो रहा है।













