प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्टार्टअप शिक्षा का नया अध्याय शुरू
वाराणसी — जो शिक्षा, संस्कृति और ज्ञान की भूमि मानी जाती है। अब नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से “नो योर कॉलेजेज “(केवाईसी) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीस से अधिक विद्यालयों में केवाईसी आइडिया टैंक- विद्यालय स्तरीय स्टार्टअप बूट कैंप एवं प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई है। यह पहल डीआईसी,आईआईटी बीएचयू (इन्नोवेशन सपोर्ट)तथा बिट्स पिलानी उद्यमिता प्रकोष्ठ (औपचारिक सहयोगी) के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है। जो इसे काशी के लिए एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम बनाती है। केवाईसी का उद्देश्य वाराणसी के विद्यार्थियों में कम उम्र से ही नवाचार, उद्यमिता, समस्या समाधान, नेतृत्व और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। ताकि वह भविष्य में नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। केवाईसी के संस्थापक सार्थक गुप्ता (अग्रहरि) एवं डॉक्टर श्रीयांशु जायसवाल अब तक अनेक प्रमुख विद्यालयों में प्रेरक अभिमुखीकरण सत्र आयोजित कर चुके हैं, जिनमें से सनबीम समूह के विद्यालय, संत अतुलानंद कान्वेंट विद्यालय, आनंद राम जयपुरिया विद्यालय, डीपीएस काशी विद्यालय, सनबीम मुगलसराय तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम सम्मिलित हैं। आगामी दिनों में यह अभियान सभी बीस विद्यालयों में विस्तारित किया जाएगा। कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों हेतु तीन दिवसीय स्टार्टअप बूट कैंप का भी आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय स्टार्टअप प्रशिक्षण शिविर में विद्यार्थी सीखेंगे और विषय होगा समस्या की पहचान, नवाचारी समाधान का निर्माण, एमबीपी तथा प्रारूप प्रोटोटाइप बनाना, व्यापार मॉडल एवं प्रस्तुति (पिच डेक) तैयार करना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम का अंतिम चरण 9 जनवरी 2026 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित हुआ वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी