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आदिवासी समाज का मूल पहचान उनकी आदिम संस्कृति से की होता है-डाॅ लालजी’

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काशी दीप  विजन वाराणसी आज दिनांक 31 अगस्त 2026 को प्रत्येक वर्ष की भाॅति इस वर्ष भी आदिवासी जनजाति समाज की अपनी आदिम रीति-रिवाज परम्परा एवं टोटम की सांस्कृतिक विरासत के विकास एवं संरक्षण के क्रम में ‘‘उ0 प्र0 राज्य की अति प्राचीन आदिवासी भोजली जात्रा महोत्सव तिहार-2026’’ पर्व उ0 प्र0 लोक एवं जनजति संस्कृति संस्थान, (संस्कृति विभाग) लखनऊ एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मृति भवन न्यास, चक्का, हरहुआ वाराणसी आयोजन पूर्वाहन 11 बजे से 4 बजे तक गोंडी पूजा/गोंगो एवं भोजली जात्रा आयोजिन में किया गया 

महोत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ लालजी,सहायक निदेशक, केन्द्रीय संचार ब्यारो, क्षेत्रीय कार्यालय, भारत सरकार वाराणसी ने कहा कि जनपद वाराणसी के गोंड आदिवासी समाज के भोजली पर्व बहुत ही अद्भुत है, जो खत्म हो रही वर्तमान आदिवासी संस्कृति के बचाने के क्रम में गोंड समाज का अच्छा प्रयास है। क्योंकि आदिवासी समाज का मूल पहचान उनकी आदिम संस्कृति से ही होता

महोत्सव कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डाॅ ऐश्वर्य राज लक्ष्मी-जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास), वाराणसी ने अपने उद्वोधन में कहा की जनपद वाराणसी के गोंड जनजाति की भोजली पर्व हमारे आदिवासी जनजाति समाज के सांस्कृतिक वैभव के साथ उनकी टोटम, परम्परा संस्कृति का जीवन्त झलक है। जो जनजाति संस्कृति आने वाले दिनों में मजबूती प्रदान करने का कार्य करेगा। इसके साथ ही उन्होने विभाग के जनजति योजनाओं के बारे में गोंड जनजातियों को अवगत कराया।

महोत्सव में अजगरा विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि श्री कपील नारायण पाण्डेय, ने कहा कि गोंड समाज की सांस्कृतिक वैभव आज मुझे देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ की उन्होने कहा कि विभायक जी के निर्देश के क्रम में गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मृति भवन न्यास, चक्का परिसर के विकास हेतु जल्द ही सुन्दरीकरण का कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।

इसके साथ ही जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के सचिव-डाॅ बृजभान मरावी ने आये सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं मेमोन्टो देकर सम्मानित किया और उनका धन्यवाद ज्ञापन भी किया।

महोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मृति भवन न्यास, के अध्यक्ष दिनेश कुमार गोंड ने किया एवं संचालन आकाश गोंड ने किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक नृत्य एवं जनपद वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मीरजापुर आदि के हजारों आदिवासी जनजाति समाज के लोगों ने धूम-धाम से करमा नृत्य और हुडुक मजीरा के धुन पर भोजली जात्रा दुर्गावती भवन से वरूणा नदी के भोटली घाट तक निकाला।

महोत्सव को सफल बनाने में दिना गोंड, संदीप गोड, भरत गोड, प्रमोद, अनील, जग्गन, विनोद एवं ट्राइबल वालेन्टीर आदि लोगो ने अपना योगदान दिया।

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