वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र कोनिया क्षेत्र में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल को बन्द किए जाने के बावजूद भी कागजों में संचालित कैसे है। उक्त बातें आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को अन्धरा पुल स्थित पटेल धर्मशाला में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने इसे बनारस के बच्चों के साथ बड़ा धोखा और प्रशासनिक फ्राड करार देते हुए कहा कि जो स्कूल जमीन पर बन्द है, वह सरकारी पोर्टल यू-डायस पर आज भी संचालित दिख रहा है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मुकेश सिंह ने इस फर्जीवाड़े को उजागर किया और स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो प्रशासन ने उनके साथ किसी बड़े माफिया की तरह व्यवहार किया। भारी पुलिस बल भेज कर उन्हें गिरफ्तार करना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए तानाशाही पर उतारू हो गई है। संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या बच्चों की शिक्षा के लिए आवाज उठाना गुनाह है। प्रशासन भोला बनाकर शिफ्टिंग का बहाना बना रहा है। जबकि हकीकत में सैकड़ो बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई है। जिला प्रशासन मरम्मत के नाम पर 3 साल से बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रही है। आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है। सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि स्कूलों को ठीक करने के लिए जो 604 करोड रुपए जारी हुए हैं उसका सदुपयोग धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक महीने के भीतर कोनिया के इस स्कूल सहित अन्य स्कूलों की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी दोबारा इस वीडियो बनाने और पोल खोलने का अभियान शुरू करेगी। कहा कि चाहे सरकार एक नहीं हजार बार एफआई आर दर्ज कर ले, लेकिन बच्चों के हक की लड़ाई नहीं रुकेगी। इस पत्रकार वार्ता के दौरान संजय सिंह के साथ-साथ जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल, काशी प्रांत के अध्यक्ष पवन तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पाण्डेय, कांता प्रसाद, अब्दुल्ला खान, एजाज अहमद, रेखा जायसवाल, विनोद जायसवाल आदि उपस्थित रहे।