वाराणसी वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट — यूजीसी से सम्बंधित मांगों एवं आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर करणी सेना भारत के कार्यकर्ताओं का धरना शास्त्री घाट पर शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा।सभी कार्यकर्ता गण अपनी मांगों पर अड़े रहे। लगातार शांतिपूर्ण धरने के बाद आंदोलनकारियों ने अब अपनी आवाज प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया। करणी सेना के पूर्वांचल प्रभारी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में सवर्ण समाज एवं छत्तीस बिरादरी के लोगों ने शास्त्री घाट से कचहरी मुख्यालय तक विशाल रैली निकाली। हाथों में अपनी मांगों से जुड़े संदेश और नारों के साथ निकली रैली ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। रैली शास्त्री घाट से चलकर बरूणाबृज पार करते हुए कचहरी स्थित जिला मुख्यालय पहुंची। यहां आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि मण्डल ने वाराणसी जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। रैली का नेतृत्व करते हुए पूर्वांचल प्रभारी अविनाश मिश्रा ने कहा कि पिछले आठ दिनों से आंदोलनकारी पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से शास्त्री घाट पर धरना दे रहे हैं।उनका उद्देश्य शासन प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाना था। लेकिन अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देने के बाद रैली निकाल कर जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात करना जरूरी समझा। वहीं जिलाधिकारी द्वारा कार्यकर्ताओं की मांगों को केन्द्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी के इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी आगे की रणनीति को लेकर शास्त्री घाट स्थित आंदोलन स्थल पर पुनः पहुंचकर विचार विमर्श किया। इस रैली में कई सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही। रैली में साधना सनातन धर्म के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सौरभ मौर्य, निर्भय क्रांति की राजश्री सोनी, शुभम सिंह, शिवम पाण्डेय, अमित राय, यथार्थ सिंह, बृजेश मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, शशि राणा, विजय सिंह राणा, विवेक सिंह, अमित सिंह सहित हिंदू युवा शक्ति के कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल रहे।