वाराणसी काशी दीप विजन =काशी हिंदू विश्वविद्यालय में शनिवार को पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में “GEN Z चौपाल” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े नेता मनीष और नेहा ने विश्वविद्यालय के छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में BHU के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। छात्रों की भारी मौजूदगी को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ लंका थाना और भेलूपुर क्षेत्र के एसीपी गौरव कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
छात्रों से संवाद के दौरान नेहा ने जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद देशभर में छात्र-छात्राओं और युवाओं के आंदोलनों में उभार देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि “GEN Z महाजुटान यात्रा” प्रयागराज से चलकर वाराणसी पहुंची है और इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों को सामने लाना है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ती फीस, पेपर लीक, हॉस्टल में आरक्षण और पर्याप्त सीटों की कमी तथा छात्रवृत्ति जैसे मुद्दे विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के रोजगार और नियुक्ति से जुड़े सवाल भी लगातार उठ रहे हैं।
नेहा ने प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में बड़ा अंतराल रहा है। उनके मुताबिक वर्ष 2018 के बाद से अब तक बैकलॉग बना हुआ है और अलग-अलग स्थानों पर विद्यार्थी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से कम से कम 60 हजार पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने और पुराने बैकलॉग को जल्द पूरा करने की मांग की।
उन्होंने नई नियमावली और परीक्षा पैटर्न में बदलाव का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों को परीक्षा से कुछ समय पहले नियमों और विषयों में बदलाव की जानकारी देकर तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाना चाहिए। GEN Z महाजुटान के माध्यम से आंदोलनरत छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और ठोस कार्रवाई के जरिए किया जाना चाहिए।