वाराणसी ( काशी दीप विजन )। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बीएचयू के मधुबन में आइसा, बीसीएम, एनएसयूआई और दिशा छात्र संगठन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
छात्र संगठनों ने कहा कि बीएफए प्रवेश परीक्षा में कथित धांधली, सेल्फ फाइनेंस कोर्स, अनियमित कक्षाओं और लैंगिक भेदभाव जैसे कई मुद्दों पर प्रशासन को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए। आरोप लगाया कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने वाले छात्रों को नोटिस और जांच समितियों के माध्यम से डराने का प्रयास किया जाता है।छात्र संगठनों ने बीएफए प्रवेश परीक्षा के प्रैक्टिकल में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके विरोध में छात्रों ने सेंट्रल ऑफिस पर प्रदर्शन किया था। आरोप है कि आंदोलन में समर्थन देने पहुंचे छात्रों और छात्र संगठनों के सदस्यों को जबरन बाहर किया गया। छात्राओं के साथ पुरुष सुरक्षा गार्डों द्वारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। उनका कहना है कि घटना में कुछ छात्रों को चोटें भी आईं।
प्रेसवार्ता में छात्र संगठनों ने बीएचयू प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर पर एबीवीपी को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि 5 सितंबर को एबीवीपी और छात्र सभा के अलावा अन्य छात्र संगठनों को हेल्पडेस्क लगाने से रोका गया। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से चीफ प्रॉक्टर संदीप पोखरिया के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये के खिलाफ आगे भी संयुक्त रूप से आवाज उठाई जाएगी।