वाराणसी भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के विकास पर केंद्रित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय एक्सपो की शुरुआत 18 दिसंबर से होटल ताज, नदेसर में हुई। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आईआईए और इन्वेस्ट यूपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस इंटरनेशनल टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी एक्सपो-2025 में देश-विदेश के हजारों प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं।इस एक्सपो की विशेषता यह है कि इसमें आम दर्शकों के लिए निशुल्क पंजीकरण की सुविधा दी गई है जिसका लाभ उठाते हुए अब तक 18 हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। एक्सपो में 85 से अधिक स्टॉल लगे हैं जहाँ पर्यटन, आतिथ्य हस्तशिल्प और संस्कृति से जुड़ी नवीनतम तकनीक और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी जा रही है।आयोजन में 5000 से अधिक उद्यमी शामिल हो रहे हैं, जिनमें वाराणसी पूर्वांचल यूपी के विभिन्न जिलों और देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ आठ देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इन देशों ने भारतीय संस्कृति को अपनाया है और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई है।शैक्षिक और ज्ञान-परंपरा से जुड़ाव को दर्शाते हुए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आठ ख्यातिप्राप्त प्रोफेसर व ज्योतिषी भी एक्सपो में सहभागिता कर रहे हैं। उनके द्वारा आगंतुकों के लिए व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक परामर्श सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।आईआईए के अध्यक्ष ने बताया कि इस एक्सपो का उद्देश्य काशी और पूर्वांचल को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना स्थानीय उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है उत्तर प्रदेश सरकार की इन्वेस्ट यूपी पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।यह आयोजन क्षेत्र में पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा देने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।