कांग्रेस सरकार बहुत बुरी थी , इतनी बुरी की रेलवे में 60 की उमर वालों को सीनियर सिटीज़न मानती थी और उनको टिकट पर सीधा 50% कि छूट देती थी
उसके बाद आई महामानव मोदी जी की भाजपा सरकार और उसने देशहित में बुज़ुर्गों को मिलने वाली छूट को मार्च 2020 में बंद कर दिया ,
और इन 6 सालों में लगभग 32 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों ने रेलवे से यात्रा करी


जिनसे सरकार ने उनकी सब्सिडी छीन कर 9000 करोड़ से ज़्यादा वसूल किए।
बेशर्मी सिर्फ़ यहाँ तक नहीं हैं , ये लोग टिकट के पीछे लिखने लगे की आपकी यात्रा का 43% बोझ सरकार व आम नागरिक उठाते हैं जिसके ख़िलाफ़ वरिष्ठ नागरिकों के संगठन जैसे AISCCON आदि ने रेल मंत्रालय को चिट्ठी भी लिखी थी की हम भी टैक्स भरते हैं ,
और आपका यह ‘बोझ’ शब्द लिखना हम बुजुर्गों का अपमान है।
ये वही मोदी सरकार है जिसने पिछले 12 सालों में चंद उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ से ज़्यादा क़र्ज़ को NPA घोषित कर राइट ऑफ कर दिया।
किंतु देश के बुजुर्गों को छूट देने के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं , वह उन्हें बोझ लगते हैं ,
कांग्रेस और भाजपा में यह सबसे बड़ा अंतर है , कांग्रेस पार्टी में भारतीय संस्कार हैं जो बुरज़ुर्गों का सम्मान करना जानती है और भाजपा के लिए वह बोझ हैं।













