साक्षी सिंह की रिपोर्ट स्थान: पिंडरा तहसील, वाराणसी (उत्तर प्रदेश
आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को वाराणसी जनपद के पिंडरा तहसील अंतर्गत बेलवा नट बस्ती में अम्बेडकर जयंती बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई यह आयोजन विशेष रूप से विमुक्त, घुमंतू, नट एवं मुसहर समुदाय के बीच पहली बार किया गया, जो सामाजिक जागरूकता और एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यक्रम में जोगापुर, बेलवानी, खरगपुर, ओरांव, बेलवा हटिया, बेलवा मुस्लिम बस्ती, रामईपट्टी, दल्लीपुर, चिकिंदर, अमीनी, ख़लिशपुर, मिर्जमुराद तथा रामेश्वर सहित विभिन्न गांवों से लगभग 300 लोगों की सहभागिता रही। सभी प्रतिभागी नट समुदाय संघर्ष समिति एवं डीएनटी युवा संसाधन केंद्र के बैनर तले एकत्रित हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाबा साहेब ने कठिन सामाजिक भेदभाव का सामना करते हुए अपनी शिक्षा पूरी की और आगे चलकर भारत के विधि मंत्री बने। उनके संघर्ष आज भी समाज के वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान “उड़ान की पाठशाला” के बच्चों (बेलवा एवं पिंडराई) द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर इलाहाबाद विधि विश्वविद्यालय महाविद्यालय से आए प्राध्यापक सूचित यादव एवं उनके छात्र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी बाबा साहेब के विचारों को समाज में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में नट समुदाय संघर्ष समिति के कार्यकर्ता सौरभ, राहुल, करन नट, करन मुसहर, माना देवी, कपिल, नेहा, ज्योति, मीना देवी, रिया, नंदनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।