वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी — केंद्रीय कारागार वाराणसी में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पावन पर्व रक्षाबंधन बड़े ही सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया। सुबह से ही अपने-अपने भाइयों एवं परिजनों से मिलने के लिए बाहर मुलाकातियों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गयी थी। अत्यधिक भीड़ एवं मुलाकातियों की बेसब्री को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा मुलाकात का समय प्रातः 8:00 बजे से शाम 5:00 तक कर दिया गया। कारागार प्रशासन एवं डायोसिस आफ वाराणसी संस्था के सहयोग से कारागार में निरुद्ध बन्दियों से मुलाकात करने वाली बहनो एवं परिजनों हेतु मुख्य द्वार के बाहर टेंट एवं कुर्सी टेबल आदि लगाए गए थे। जिसमें मुलाकातियों के बैठने एवं जलपान की समुचित व्यवस्था की गई थी। कारागार परिसर के अन्दर मुलाकात घर में भी बैठने एवं जलपान की उत्तम व्यवस्था की गई थी। बाजारों में मिलावटी खाद्य सामग्रियों से बनी मिठाइयों की रोकथाम के लिए तथा बन्दियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को देखते हुए कारागार प्रशासन द्वारा बन्दियों एवं उनके परिजनों के लिए कारागार के बन्दी कल्याण कैंटीन में निर्मित गुणवत्तापूर्ण एवं शुद्ध मिठाइयों का प्रबंध किया गया था। जो बहने राखी नहीं लेकर आई थी, उनके लिए कारागार प्रशासन की ओर से राखी उपलब्ध कराया गया था। कारागार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निगरानी में मुलाकात कराई जा रही थी ताकि बाहर से आने वाले मुलाकातियों को कोई असुविधा ना हो सके। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कुल 462 बन्दियों के परिजनों ने मुलाकात की जिनकी संख्या 1100 रही जिसमें 803 महिलायें एवं 297 बच्चे शामिल रहे। इस अवसर पर जेलर अखिलेश कुमार,डिप्टी जेलर अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, भोजराज, अमिता श्रीवास्तव आदि अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे