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माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती–2026 के अवसर पर कमिश्नरेट वाराणसी में शांति, सुरक्षा, यातायात एवं नागरिक सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन हेतु उच्चस्तरीय समन्वय गोष्ठी के संबंध में

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वशिष्ट गोंड की रिपोर्ट वाराणसी 

वाराणसी माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती–2026 के अवसर पर कमिश्नरेट वाराणसी में शांति, सुरक्षा, यातायात एवं नागरिक सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन हेतु उच्चस्तरीय समन्वय गोष्ठी के संबंध मे।

आज दिनांक 30 जनवरी 2026 को समय 16:00 बजे, यातायात लाइन्स, कमिश्नरेट वाराणसी अवस्थित स्थित सम्मेलन कक्ष में श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय), कमिश्नरेट वाराणसी की अध्यक्षता में एक विस्तृत एवं उच्चस्तरीय समन्वयात्मक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस उपायुक्त, काशी श्री गौरव वंशवाल, पुलिस उपायुक्त, वरूणा श्री प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात/सुरक्षा एवं अभिसूचना, श्री अनिल कुमार, प्रभारी पुलिस उपायुक्त, गोमती, श्री अकाश पटेल, अपर नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त, एवं स0पु0आ0 चेतगंज श्री ईशान सोनी, स0पु0आ0 भेलूपुर श्री गौरव कुमार, स0पु0आ0, दशाश्वमेध, श्री अतुल अंजान त्रिपाठी, स0पु0आ0 कोतवाली श्री विजय प्रताप, स0पु0आ0 रोहनिया श्री संजीव कुमार शर्मा, स0पु0आ0 अपूर्व पाण्डेय तथा अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारीगण तथा आयोजक/संयोजक उपस्थित रहें। उक्त गोष्ठी का आयोजन माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की जयंती (01.02.2026) के अवसर पर जनपद वाराणसी में प्रस्तावित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं श्रद्धा-सम्बंधित कार्यक्रमों के दृष्टिगत किया गया, ताकि कार्यक्रमों के दौरान शांति व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं का सुचारु, समन्वित एवं सुदृढ़ संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

उक्त गोष्ठी में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त नगर निगम वाराणसी, स्वास्थ्य विभाग, जलकल विभाग, विद्युत विभाग, अग्निशमन सेवा, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक विभागों के अधिकारीगण तथा कार्यक्रम के आयोजक/संयोजक उपस्थित रहे। सभी विभागों एवं आयोजको/संयोजको द्वारा अपने-अपने दायित्व क्षेत्रों, उपलब्ध संसाधनों एवं संभावित चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई तथा आपसी समन्वय से कार्य करने पर विशेष बल दिया गया।

गोष्ठी के दौरान विशेष रूप से थाना लंका क्षेत्रांतर्गत स्थित संत रविदास मंदिर, उससे संबद्ध संपर्क मार्गों, प्रमुख घाट क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, चिन्हित पार्किंग स्थलों एवं अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर संभावित अत्यधिक जनसमूह, अंतर्राज्यीय श्रद्धालुओं की आवक तथा यातायात दबाव को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक एवं गहन विचार-विमर्श किया गया। विगत वर्षों के अनुभवों एवं संभावित जोखिमों के आधार पर यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, सुगम एवं गरिमामय वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, दुर्घटना अथवा अप्रिय घटना की संभावना को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।

उक्त आयोजित समन्वय गोष्ठी में शांति, कानून-व्यवस्था, यातायात एवं नागरिक सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन हेतु श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा निम्नलिखित विस्तृत निर्देश निर्गत किए गए-

1. कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था संबंधी निर्देश

• सभी कार्यक्रम स्थलों, मंदिर परिसरों एवं भीड़-संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

• संवेदनशील एवं अति-संवेदनशील स्थानों पर स्थायी तथा मोबाइल पुलिस पिकेट स्थापित कर निरंतर निगरानी रखी जाए और अधिकारी स्वयं मौके पर भ्रमणशील रहें।

• समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने क्षेत्र में नियमित पैदल गश्त कराई जाए, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

• असामाजिक तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखते हुए उनकी गतिविधियों पर कड़ी दृष्टि रखी जाए।

• निरोधात्मक कार्यवाही के अंतर्गत धारा 107/116, 151 सीआरपीसी की कार्यवाही समय से पूर्ण कर उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।

• किसी भी अप्रिय घटना अथवा आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हुए स्थिति को तत्काल नियंत्रण में लिया जाए।

2. तकनीकी निगरानी एवं अभिसूचना तंत्र संबंधी निर्देश

• सभी प्रमुख कार्यक्रम स्थलों, मार्गों एवं प्रवेश-निकास बिंदुओं पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए तथा कंट्रोल रूम से उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

• ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कराई जाए, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय रहते पहचान की जा सके।

• सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, उत्तेजक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर सतत निगरानी रखी जाए।

• स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय रखते हुए संभावित खतरों से संबंधित सूचनाओं का समय से संकलन एवं विश्लेषण किया जाए।

• प्राप्त किसी भी संदिग्ध सूचना का तत्काल सत्यापन कर आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

• अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध त्वरित खंडन के साथ-साथ विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाए।

3. यातायात नियंत्रण एवं डायवर्जन संबंधी निर्देश

• कार्यक्रम अवधि हेतु विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान पूर्व से लागू किया जाए और उसकी जानकारी आमजन को विभिन्न माध्यमों से दी जाए।

• भारी वाहनों का कार्यक्रम क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाए, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो।

• वैकल्पिक मार्गों पर स्पष्ट साइनेज, बैरिकेडिंग एवं सूचना बोर्ड लगवाए जाएं।

• यातायात पुलिस, होमगार्ड एवं पीआरडी की संयुक्त तैनाती कर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जाए।

• अवैध पार्किंग अथवा यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

• एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं अन्य आपात वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए रखा जाए।

4. भीड़ प्रबंधन एवं पैदल आवागमन संबंधी निर्देश

• श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश एवं निकास मार्ग पृथक-पृथक निर्धारित किए जाएं, जिससे आवागमन सुचारु बना रहे।

• बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित करते हुए अनावश्यक जमाव को रोका जाए।

• वन-वे मूवमेंट व्यवस्था को सख्ती से लागू कर उसकी सतत निगरानी की जाए।

• कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, जिससे अव्यवस्था अथवा भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।

• बुजुर्ग, महिला एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए।

• अत्यधिक भीड़ संभावित क्षेत्रों पर अतिरिक्त बल तैनात कर सतर्क निगरानी रखी जाए।

5. पार्किंग व्यवस्था संबंधी निर्देश

• अस्थायी एवं स्थायी पार्किंग स्थलों का पूर्व चिन्हांकन कर उनकी जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई जाए।

• पार्किंग स्थलों पर यातायात पुलिस एवं अन्य कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।

• पार्किंग स्थलों पर स्पष्ट संकेतक, दिशासूचक बोर्ड एवं प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

• वीआईपी एवं सामान्य श्रद्धालुओं के लिए पृथक-पृथक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

• अव्यवस्थित पार्किंग की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

• पार्किंग स्थलों से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षित पैदल मार्ग सुनिश्चित किया जाए।

6. स्वच्छता एवं नगर निगम संबंधी निर्देश

• नगर निगम द्वारा कार्यक्रम से पूर्व, दौरान एवं पश्चात विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए।

• कार्यक्रम स्थलों, मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

• पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था कर उनकी नियमित सफाई कराई जाए।

• कचरा निस्तारण हेतु वाहन एवं सफाई कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

• जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

• कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत भी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखी जाए।

7. स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा व्यवस्था संबंधी निर्देश

• प्रमुख स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा शिविरों की स्थापना सुनिश्चित की जाए।

• एम्बुलेंस सेवाओं को रणनीतिक स्थानों पर तैनात कर त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

• चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

• आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों हेतु त्वरित प्रतिक्रिया दल अलर्ट मोड पर रखा जाए।

• बीमार, घायल अथवा लापता श्रद्धालुओं के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं।

• सभी नजदीकी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा जाए।

8. अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी निर्देश

• कार्यक्रम स्थलों पर अग्निशमन वाहनों एवं प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

• फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की पूर्व जांच कराई जाए।

• आपात निकासी मार्गों को पूर्णतः अवरोधमुक्त रखा जाए।

• अस्थायी ढांचों, टेंट एवं मंचों की सुरक्षा जांच कराई जाए।

• किसी भी अग्नि अथवा आपदा स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

• आपदा प्रबंधन टीमों को सतत सतर्क अवस्था में रखा जाए।

9. जल एवं विद्युत आपूर्ति संबंधी निर्देश

• कार्यक्रम अवधि में श्रद्धालुओं हेतु निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

• जल टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था कर आकस्मिक स्थिति से निपटा जाए।

• अस्थायी विद्युत संयोजनों की सुरक्षा जांच कराई जाए।

• ओवरलोडिंग एवं शॉर्ट-सर्किट की संभावना पर सतत निगरानी रखी जाए।

• विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

• खुले तारों एवं जोखिमपूर्ण संयोजनों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए।

10. समन्वय, नियंत्रण कक्ष एवं जवाबदेही संबंधी निर्देश

• सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

• नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखते हुए सभी सूचनाओं का संकलन किया जाए।

• प्रत्येक विभाग द्वारा एक-एक नोडल अधिकारी नामित कर उसकी सूचना साझा की जाए।

• सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित कर निर्णय शीघ्र लिए जाएं।

• किसी भी अप्रिय घटना की तत्काल रिपोर्टिंग उच्चाधिकारियों को की जाए।

• लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्यवाही की जाए।

गोष्ठी में उपस्थित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि गोष्ठी में निर्गत समस्त निर्देशों का पूर्ण निष्ठा, समयबद्धता एवं पारस्परिक समन्वय के साथ कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यह भी स्पष्ट किया गया कि माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करना समस्त संबंधित विभागों की सामूहिक ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। प्रत्येक विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता से पूर्णतः बचेगा।

अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) द्वारा यह निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व ही पूर्ण कर लें, फील्ड में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट, व्यावहारिक एवं उत्तरदायित्व-आधारित ब्रीफिंग प्रदान करें तथा कार्यक्रम अवधि के दौरान निरंतर एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। किसी भी आकस्मिक, आपात अथवा अप्रिय स्थिति की दशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल, निर्णायक एवं प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे। निर्देशों के अनुपालन की सतत समीक्षा की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कठोर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आमजनमानस से अपील:-

पुलिस/प्रशासन द्वारा आमजन एवं समस्त श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें, निर्धारित मार्गों एवं पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस कर्मी अथवा नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन का सहयोग कर सभी श्रद्धालु कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

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